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बड़ी होकर स्किन की डॉक्टर बनूंगी, गरीब बच्चों का मुफ्त इलाज करूंगी’ नन्ही बच्ची के सपने ने छू लिया जिलाधिकारी का दिल

जौनपुर। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम में उस समय माहौल भावुक और प्रेरणादायी हो गया, जब एक छोटी बच्ची ने जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. के सामने अपने भविष्य का सपना साझा किया। बच्ची ने कहा कि वह बड़ी होकर स्किन की डॉक्टर बनना चाहती है और अपना अस्पताल खोलकर गरीब बच्चों का निःशुल्क इलाज करना चाहती है। बच्ची की इस सोच और जरूरतमंदों की मदद करने के जज्बे को सुनकर जिलाधिकारी ने उसकी जमकर सराहना की और उसे लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरे मन से पढ़ाई करने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना एवं पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के लाभार्थी बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने बच्चों से बेहद सहज और आत्मीय माहौल में बातचीत की। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, रुचियों, विद्यालय की व्यवस्थाओं, व्यक्तिगत जीवन और भविष्य के सपनों के बारे में जानकारी ली। इसी दौरान जब बच्ची ने डॉक्टर बनने के साथ गरीब बच्चों के लिए अस्पताल खोलने की इच्छा जताई तो जिलाधिकारी भी उसके आत्मविश्वास और संवेदनशील सोच से प्रभावित हुए।

जिलाधिकारी ने बच्ची का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए सबसे पहले लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। इसके बाद लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है।

संवाद के दौरान अन्य बच्चों ने भी अपने भविष्य के सपने जिलाधिकारी के साथ साझा किए। किसी ने शिक्षक, किसी ने वकील, इंजीनियर और डॉक्टर बनने की इच्छा जताई, तो किसी ने अंतरिक्ष वैज्ञानिक और आईपीएस अधिकारी बनने का सपना बताया। जिलाधिकारी ने सभी बच्चों को उनके लक्ष्य के अनुरूप मेहनत करने और अपने सपनों को लेकर गंभीर रहने की सलाह दी।

उन्होंने बच्चों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और मोबाइल फोन का इस्तेमाल सोशल प्लेटफॉर्म पर समय बिताने के बजाय अपनी पढ़ाई और ज्ञानवर्धन के लिए करें। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बच्चों की रुचि खेलों में है, वे खेल के क्षेत्र में भी शानदार भविष्य बना सकते हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां भी जरूरी हैं।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने बच्चों से उनके विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता और पठन-पाठन की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। अटल आवासीय विद्यालय की छात्रा प्रियांशी से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था के संबंध में पूछताछ की गई। छात्रा ने बताया कि विद्यालय में सभी विषयों के शिक्षक नियमित रूप से आते हैं। जिलाधिकारी ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि शिक्षा से जुड़ी किसी भी समस्या या आवश्यकता को वे बेहिचक उनके संज्ञान में ला सकते हैं।

बच्चों ने कुछ विद्यालयों में खेलकूद की पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने की बात भी बताई। इस पर जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित विद्यालयों से समन्वय कर खेलकूद की गतिविधियों और आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए।

जिलाधिकारी ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों से मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभों की भी जानकारी ली। अभिभावकों ने बताया कि उन्हें योजनाओं का लाभ समय से मिल रहा है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना समेत विभिन्न योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे देश और समाज के भविष्य की नींव हैं। उनके समुचित विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, जरूरी सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र बच्चों को शासन की सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए।

कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर, जिला प्रोबेशन अधिकारी विजय कुमार पांडेय, बाल संरक्षण अधिकारी चंदन राय सहित अन्य अधिकारी, लाभार्थी बच्चे और उनके अभिभावक मौजूद रहे।

एक नन्हे सपने में छिपी बड़ी सोच ने इस संवाद कार्यक्रम को खास बना दिया। डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली बच्ची सिर्फ अपना भविष्य संवारना नहीं चाहती, बल्कि अपने जैसे जरूरतमंद बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने का संकल्प भी लेकर चल रही है।

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