ईरान आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के जनाज़े में उमड़ी भीड़ की चर्चा है। क्या इसलिए क्योंकि दुनिया का मीडिया ऐसे हुजूम के लिए तैयार नहीं था? क्या किसी को अंदाज़ा नहीं था कि तेहरान की सड़कों पर इंसानियत का ऐसा सैलाब आ जाएगा? ख़ामेनेई की हत्या के बाद ट्रम्प ने कहा था कि ईरान की सड़कों पर लोग जश्न मना रहे हैं। चार महीने बाद न सिर्फ़ ट्रम्प इस युद्ध में ईरान के सामने झुके हुए दिखाई देते हैं बल्कि ईरान की सड़कों पर धीरे-धीरे चल रहा सैलाब बता रहा है कि ईरान की असलियत सिर्फ वह नहीं है जो पश्चिम ने समझी और समझाई है। ईरान ने दिखा दिया है कि उसके भविष्य में उसका इतिहास गुँथा हुआ है। वह अपनी कुर्बानियों को भूलता नहीं है, और आगे कुर्बानी देने से भी नहीं डरेगा। वह अपने सुप्रीम लीडर को आख़री बार विदा करने आया है तो अपने वक़्त पर और अपने अंदाज़ में। दुनिया देखकर हैरान है, यह ईरान है।
ईरान आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के जनाज़े में उमड़ी भीड़ की चर्चा है। क्या इसलिए क्योंकि दुनिया का मीडिया ऐसे हुजूम के लिए तैयार नहीं था? क्या किसी को अंदाज़ा नहीं था कि तेहरान की सड़कों पर इंसानियत का ऐसा सैलाब आ जाएगा? ख़ामेनेई की हत्या के बाद ट्रम्प ने कहा था कि ईरान की सड़कों पर लोग जश्न मना रहे हैं। चार महीने बाद न सिर्फ़ ट्रम्प इस युद्ध में ईरान के सामने झुके हुए दिखाई देते हैं बल्कि ईरान की सड़कों पर धीरे-धीरे चल रहा सैलाब बता रहा है कि ईरान की असलियत सिर्फ वह नहीं है जो पश्चिम ने समझी और समझाई है। ईरान ने दिखा दिया है कि उसके भविष्य में उसका इतिहास गुँथा हुआ है। वह अपनी कुर्बानियों को भूलता नहीं है, और आगे कुर्बानी देने से भी नहीं डरेगा। वह अपने सुप्रीम लीडर को आख़री बार विदा करने आया है तो अपने वक़्त पर और अपने अंदाज़ में। दुनिया देखकर हैरान है, यह ईरान है।
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