रिपोर्ट आरिफ हुसैनी पत्रकार
जौनपुर: शहर के तंदूरी दरबार बैंक्वेट हॉल में अंजुमन रहीमिया के तत्वावधान में एक शानदार एज़ाज़ी नशिस्त (सम्मान समारोह) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अदबी,सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार उर्दू अकादमी के पूर्व अध्यक्ष एवं बंगाल उर्दू एकेडमी के पूर्व सेक्रेटरी एवं कई पुस्तकों के लेखक मुश्ताक़ अहमद नूरी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. शाहिद जमील उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मास्टर नदीम अलवी ने की,जबकि संचालन इरफान जौनपुरी ने अपने प्रभावशाली अंदाज़ में किया। सर्वप्रथम अंजुमन रहीमिया के अध्यक्ष आरिफ़ खान व सेक्रेटरी शाहनवाज़ मंज़ूर ने अतिथियों का माल्यापर्ण कर स्वागत किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि मुश्ताक़ अहमद नूरी ने कहा कि उर्दू ज़बान और अदब हमारी साझा तहज़ीब की अमूल्य धरोहर है। ऐसी अदबी नशिस्तें समाज में भाईचारा,इल्म और साहित्यिक संस्कृति को मज़बूत करती हैं। उन्होंने अंजुमन रहीमिया की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि साहित्यिक गतिविधियाँ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. शाहिद जमील ने कहा कि अदब इंसानियत,मोहब्बत और आपसी सौहार्द का पैग़ाम देता है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक वातावरण बनता है और उर्दू अदब को नई ऊर्जा मिलती है। ध्यक्षीय संबोधन में मास्टर नदीम अलवी ने अंजुमन रहीमिया के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों,शायरों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर शायर क़ारी ज़िया जौनपुरी,अबूज़र अंसारी,अबुज़र शेख सभासद,खलील इब्ने असर,आलम गाज़ीपुर,मास्टर अब्दुल बारी,कमर जौनपुरी,इस्तखार उल प्रधान,अजीम जौनपुरी,मोहम्मद ताहिर,अहमद अज़ीज़,एडवोकेट ज़फर खान राजा उपस्थित रहे।

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