जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में डकैती के दौरान दो महिलाओं की हत्या करने का भी आरोप था। इस मामले में जौनपुर पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।*
अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने मंगलवार तड़के अंबेडकरनगर में एक लाख रुपये के इनामिया और कुख्यात अपराधी आसिफ अली को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया।
आसिफ पर वर्ष 2014 में
पुलिस के अनुसार, आसिफ पर छह हत्याओं, डकैती और लूट सहित करीब 20 संगीन मुकदमे उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में दर्ज थे।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि आसिफ किसी बड़ी वारदात की फिराक में अंबेडकरनगर के जगदीशपुर क्षेत्र में मौजूद है। घेराबंदी के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक सिपाही घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में आसिफ के सीने में दो गोलियां लगीं। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौके से पुलिस ने एक पिस्टल, 12 बोर का तमंचा और एक बाइक बरामद की।
पुलिस के मुताबिक, आसिफ कुख्यात छैमार गैंग का सरगना था। उसका गिरोह दिन में रेकी करता और रात में कच्छा-बनियान पहनकर घरों में घुसकर डकैती डालता था। विरोध करने पर परिवार के लोगों की हत्या कर फरार हो जाता था। वारदात के बाद गिरोह के सदस्य नाम बदलकर दूसरे जिलों और राज्यों में छिप जाते थे।
इसके अलावा सुल्तानपुर, कौशांबी, मुजफ्फरनगर और कानपुर देहात सहित कई जिलों में हत्या और डकैती की वारदातों में भी वह वांछित था।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2015 के आसपास उसका परिवार कानपुर के मकनपुर गांव में अस्थायी झोपड़ी बनाकर रहता था। खाड़ामऊ गांव की चर्चित हत्या-डकैती के बाद पूरा परिवार फरार हो गया था। उसके रिश्तेदार काल्लू उर्फ फिरोज को इसी वर्ष फरवरी में पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
एसटीएफ और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसिफ के मारे जाने से प्रदेश में सक्रिय इस कुख्यात गिरोह के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है।

Post a Comment