अंजुमन ए असगरीय ने माहे मोहर्रम में अज़ादारी की परंपरा को ऊंचाइयों तक ले जाने का लिया संकल्प
जौनपुर। शहर की ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित अंजुमन-ए-असगरिया, पुरानी बाज़ार की सदर चयन बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने नई टीम को बधाई देते हुए संगठन की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी
अंजुमन-ए-असगरीया का इतिहास सैकड़ों वर्षों पुराना बताया जाता है। यह अंजुमन न केवल जौनपुर, बल्कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अपनी अनुशासित अज़ादारी, नौहाख्वानी और धार्मिक सेवाओं के लिए विशेष पहचान रखती है। अंजुमन से जुड़े प्रसिद्ध शायर सैय्यद अली सज्जाद '(आजाद)', मरहूम हसनैन, सहित अनेक साहित्यकारों ने अहलेबैत अलैहिस्सलाम की शान में तथा कर्बला के शहीदों की याद में सैकड़ों नौहे लिखे।
मोहर्रम का चांद दिखाई देते ही इन नौहों को अंजुमन के विख्यात नौहाख्वां सैय्यद सरदार नवाब अपने साथियों के साथ प्रभावशाली अंदाज़ में पेश करते थे, जिन्हें सुनने के लिए लोग बड़ी संख्या में एकत्रित होते थे। वर्तमान समय में उभरते हुए नौहाख्वां शाने अली, शेख मिसम अब्बास एवं उनके साथी भी अपनी मधुर आवाज़ में इमाम हुसैन (अ.) की शहादत और कर्बला के संदेश को नौहों और अशआर के माध्यम से पेश कर रहे हैं, जिससे अकीदतमंद भावुक हो उठते हैं। बैठक में अंजुमन के वरिष्ठ सदस्यों एवं पूर्व पदाधिकारियों ने युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर पूर्व खजांची शेख आरिफ,सदर सैय्यद नौशाद अली,सेक्रेटरी वज़ीर हसन,दस्ता सेक्रेटरी शेख नामदार हुसैन,सेक्रेटरी अच्छे भाई,पूर्व नौहाख्वा मरहूम किशोरी,मरहूम जलील,सदर मरहूम बंदे, प्रोक बंडा मरहूम हादी, सहित अन्य वरिष्ठ सदस्यों के योगदान को भी याद किया गया। नई कार्यकारिणी
सदर: सैय्यद एजाज़ अली (शादाब)
सेक्रेटरी: तौकीर हसन (सिंटू) नायब सदर: सैय्यद नजमुल हसन (पप्पू), मोहम्मद सलमान,नायब सेक्रेटरी: ताज मोहम्मद, रौशन अली
खजांची: राजन, आसिफ मेहदी, मोहम्मद यूसुफ
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अंजुमन की सेवा पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पदाधिकारियों का मार्गदर्शन और दुआएं उनके लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगी।
पदाधिकारियों ने कहा कि माहे मोहर्रम में अंजुमन-ए-असगरिया की ओर से अज़ादारी का सिलसिला पूरे जोश और अकीदत के साथ जारी है।
मोहल्ले के लोगों के सहयोग से अहलेबैत अलैहिस्सलाम की याद में आयोजित सभी धार्मिक कार्यक्रमों में संगठन बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता रहेगा।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इमाम हुसैन (अ.) की अज़ादारी उनके लिए इबादत और सौभाग्य है। अहलेबैत अलैहिस्सलाम की मोहब्बत और हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) की दुआओं को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए उन्होंने जीवनभर अज़ादारी की सेवा करने का संकल्प दोहराया।

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