लखनऊ ! 29 जुलाई। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने इराक़ के पवित्र शहर कर्बला में कथित हवाई हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यदि शिया समुदाय के पवित्र धार्मिक स्थलों या इमामों के मुक़द्दस रौज़ों को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) से तत्काल हस्तक्षेप करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जारी बयान में मौलाना यासूब अब्बास ने दावा किया कि इराक़ में हुए कथित हवाई हमले में कई लोगों की जान गई और अरबईन के अवसर पर कर्बला जा रहे जायरीनों को भी नुकसान पहुंचा। उन्होंने इसे मानवता के विरुद्ध गंभीर घटना बताते हुए दोषियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की।
मौलाना ने अपने बयान में अमेरिका, सऊदी अरब और इस्राइल की नीतियों की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि क्षेत्र में जारी सैन्य कार्रवाइयों का सबसे अधिक खामियाजा आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटनाएं धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली हैं।
उन्होंने कहा कि शिया समुदाय सदियों से अत्याचार और हिंसा का सामना करता रहा है तथा अपने धार्मिक विश्वासों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करता आया है। मौलाना ने ईरान का उल्लेख करते हुए कहा कि वह अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाला प्रमुख देश है।
मौलाना यासूब अब्बास ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि कर्बला स्थित पवित्र धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया तो इसके लिए जिम्मेदार देशों को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि वह मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर निर्दोष लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करे।
(संपादकीय टिप्पणी: इस समाचार में व्यक्त आरोप, दावे और विचार मौलाना यासूब अब्बास के बयान पर आधारित हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।)

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