जौनपुर शीराजे हिन्द का एतिहासिक चेहलुम का आगाज 2 अगस्त 2026 को रात्रि के 8 बजे इस्लाम चौक पर ताजिया रखा गया उसके फ़ौरन बाद अंजुमन गुलशने इस्लाम ने नौहा मातम किया।
तक़रीबन 30 मिनट बाद शब्बेदारी का सिलसिला शुरू हुआ जिसमे सबसे पहले सोज़खानी हुई उसके उपरांत मजलिस हुई जिसको खेताब डा कमर अब्बास ने किया बाद ख़त्म मजलिस अंजुमनों ने नौहा व मातम अपने नम्बरो की तरतिब से रातभर किया गया।
उसके बाद अलबिदाई मजलिस का आयोजन सुबह 5 बजे हुआ जिसकी जाकिरी बेलाल हसनैन ने अपने मकसूस अंदाज़ फज़ायल व मशएब बयान किया जिसके बाद आग में दहकती जंजीरों का मातम अंजुमन गुलशने इस्लाम (रजि०) ने किया
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इस कार्यक्रम का संचालन सै० अकबर हुसैन जैदी, एडवोकेट और तालिब जैदी ने किया।इसी क्रम में दूसरे दिन 3 अगस्त 2026 को समय दिन के 1 बजे दिन मजलिस का सिलसिला शुरू हुआ, जिसको मौलाना सैय्यद नदीम रज़ा जैदी फैजाबादी ने सम्बोधित किया। बाद ख़त्म मजलिस इमामबाड़े से एक ऐतिहासिक तुर्बत निकाली गयी उसके बाद ताजिया और तुर्बत एक साथ एक जुलूस के रूप में तब्दील हो गया उसके फ़ौरन बाद अंजुमन ज़ुल्फ़ेकारिया मस्जिद तला ने नौहा मातम करना शुरू कर दिया जुलूस अपने कदीम रास्तों- से जैसे पानदरीबा रोड, मुल्ला टोला, बारादुआरिया,हमाम दरवाजा, काजी की गली, पुरानीबाजार होता हुये सदर इमामबाड़ा, जौनपुर पहुंच कर ख़त्म हुआ।
इस कार्यक्रम का संचालन सै० कबीर जैदी साहब ने किया।
इस ऐतिहासिक चेहलुम को पूरे देश में मनाये जाने वाले चेहलुम से एक दिन पूर्व मनाया जाता है। इसके इतिहास को देखते हुए देश के विभिन्न हिस्सो से हजारो की तादाद में जायरीन शिरकत करने के लिए पहुंचते हैं। उल्लेखनीय है कि इस इमाम बारगाह एवं जुलूस के बानी शेख मुहम्मद इस्लाम मरहूम किसी मामले में गलत ढंग से फंसा दिये गये और उन्हें जेल हो गयी, तो उनके द्वारा जो ताजिया 9 मोहर्रम को इस्लाम चौक पर रखा जाता था, उसको उनके द्वारा जेल से छूटने पर उठाने की खबर दी गयी। जब चेहलुम करीब आया तो उन्होंने ख्वाब में देखा की मुझे रिहा कर दिया गया है। यह चमत्कारिक तरीके से उन्हें जिस दिन रिहा किया गया, वह 18 सफर थी। जेल से छूटने के उपरान्त उनके द्वारा रातभर मजलिस मातम करके दूसरे दिन 19 सफर को ताजिया को उठाया गया जिसे उस वक्त के काजी के अनुरोध पर काजी की गली से होते हुए सदर इमाम बारगाह लेजाकर दफन किया गया है। वर्तमान में इस इमामबारगाह एवं चेहलुम के ताजीये के इंतेजाम एवं देख रेख मीर मुजफ्फर हुसैन जैदी के खानदान के लोग कर रहे है।
इस ऐतिहासिक चेहलुम को शान्तिपूर्ण ढंग से मनाये जाने पर सै०जाफर हसन जैदी, करबलाई, मुतवल्ली, सै० कबीर जैदी, सै० जमीर जैदी, सै० अकबर हुसैन जैदी एडवोकेट शाहिद जैदी एवं कार्यकारी मुतवल्ली सै० लाडले हसन जैदी ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का बहुत बहुत शुक्रिया अदा किया है। जुलूस मे पुर्व एम एल सी सैय्यद शीराज़ मेंहदी, बसपा नेता तनवीर उस गांव, शिया कालेज मैनेजर सैय्यद नजमुल हसन नजमी, शमशीर मुस्तफा, मेंहदी हुसैन रिजवी, सैय्यद मोहम्मद इसरार,आरिफ हुसैनी, कमर हसनैन दीपू, पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी फैसल हसन तबरेज,पूर्व नगर अध्यक्ष परवेज हसन,मौला सैय्यद सफदर हुसैन जैदी साजिद हैदर जैदी, मीसम अली जैदी, मुख्तार जैदी, कलीम अब्बास जैदी, जमीर हसन जैदी, मोहम्मद तक़ी, तालिब ज़ैदी, रूमी ज़ैदी शमीम हैदर जैदी शादाब शानदार जैदी, सकलैन जैदी, मोहम्मद अली जैदी मुन्तज़िर हुसैन जैदी व शहर के तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


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