जौनपुर।। जिले के डाक मंडल में भ्रष्टाचार का बोल-बाला देखा जा रहा है। जब से मंडल में वर्तमान डाक अधीक्षक आये है तब से पूरे मंडल में चारो तरफ भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है देखा जाये तो इनके कार्यकाल में दो बार सीबीआई को भी दखल देना पड़ा गया है। इनके पाँव के नीचे इनके ही कार्यालय में कुछ कर्मचारियों की मिली भगत से जनरेटर लगाने के नाम पर भारी घोटाला किया जा रहा है।
मालूम हो कि मंडल में किसी निविदा प्रक्रिया के ही कुछ कर्मचारी फर्जी नाम से इन्वेर्टर व जनरेटर लगाए गये हैं। इस कार्य में संलिप्त मौजूदा भंडार सहायक (माल बाबू सीपी. विक्रांत सिंह, मोनू सिंहँ आदि कर्मचारी सम्लित होकर विभाग को 25 से 30 लाख रुपये का चुना लगा रहें हैं।
विक्रान्त की न्यूक्ति ही फर्जी ढंग से हुई है। वह हमेशा जुगाड़ लगाकर मंडलीय कार्यालय में रहकर स्टाफ सहायक से मिलकर सरकारी खजाने को लूट रहा है। दूसरा मोनू सिंह जो कोई कर्मचारी नहीं वह भंडार सहायक (माल बाबू सीपी ) शकील के साथ बैठे कर फर्जी बाउचर बनाने का कार्य करता रहता है। अगर इस मामले की उच्यस्तरीय जांच कराई जाए तो करोड़ो रूपये लूट का भांडा फूट सकता है। इसमें शामिल कई लोग जेल की सलाखों के पीछे भी जा सकते हैं।
मालूम हो कि जिले के डाकघर में पूर्व डाकघर अधीक्षक द्वारा लगभग् दो तिहाई इन्वेर्टर सरकारी तौर पर लगा हुआ था। लेकिन धन कमाउ-निति अपना कर उसे खराब इन्वर्टर की बैटरी लगाकर दिया गया और मशीन पुरानी ही है। हर महीने डाकघर द्वारा चार हजार के करीब वसूला जा रहा है। और वह पुरानी बैटरी कहा गई उसका अता पता ही नहीं है। डाकघरों में मोनी इन्टर प्राइजेज द्वारा बिल भी प्रस्तुत किया जा रहा है। इस मामले में जब डाक अधीक्षक रामकेवल द्वारा फोन किया गया तो उनका फोन ही नहीं उठ सका। इसी तरह छापेमारी के दिन भी वह फोन से बात करने में कतरा रहें थें।

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