आजमगढ़। जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का एक संवेदनशील फैसला किसी जरूरतमंद की जिंदगी बदल सकता है। ऐसा ही मानवीय उदाहरण आजमगढ़ में सामने आया है। तहसील बूढ़नपुर के अतरौलिया क्षेत्र के ग्राम खानपुर फतेह निवासी मेनका प्रजापति ने जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार को प्रार्थना पत्र देकर अपनी आर्थिक स्थिति और पढ़ाई में आ रही परेशानी से अवगत कराया।
मेनका ने बताया कि उसके पिता का निधन हो चुका है और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। वह आजमगढ़ शहर में एसएससी परीक्षा की तैयारी कर रही है। प्रतिदिन अतरौलिया स्थित अपने घर से आजमगढ़ शहर आने-जाने में उसे बस का किराया देना पड़ता है। आर्थिक तंगी के कारण परिवार के लिए नियमित रूप से बस का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है।
मेनका ने बताया कि यदि आने-जाने का खर्च नहीं उठा पाई तो उसकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है और आगे की शिक्षा अधूरी रहने का संकट खड़ा हो जाएगा। उसने जिलाधिकारी से मानवीय आधार पर प्रतिदिन आजमगढ़ आने-जाने के लिए निःशुल्क एमएसटी पास उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
छात्रा की समस्या सुनकर जिलाधिकारी ने मामले को संवेदनशीलता से लिया और उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए निःशुल्क एमएसटी पास उपलब्ध कराने की पहल की। जिलाधिकारी के इस कदम की सराहना हो रही है। उनका यह फैसला आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए शिक्षा जारी रखने की दिशा में प्रेरणादायी संदेश माना जा रहा है।

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