जौनपुर। वीरांगना फूलन देवी सामाजिक न्याय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष , राष्ट्रीय सचिव समाजवादी पार्टी एवं पूर्व विधायक जौनपुर सदर मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में वीरांगना फूलन देवी का संघर्ष और उनके राजनीतिक पुनर्वास की कहानी सामाजिक न्याय की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश फूलन देवी को केवल एक डकैत के रूप में देख रहा था, तब समाजवादी आंदोलन के पुरोधा मुलायम सिंह यादव ने उनके भीतर छिपे हुए सामाजिक उत्पीड़न, अन्याय और संघर्ष की पीड़ा को समझा।
मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव ने फूलन देवी को अपनी बेटी का सम्मान दिया, उन्हें मुख्यधारा की राजनीति में स्थान दिलाया और लोकतांत्रिक व्यवस्था के माध्यम से समाज के वंचित, पिछड़े, निषाद, बिंद, मल्लाह, केवट, मांझी तथा अन्य उपेक्षित समुदायों की आवाज बनने का अवसर प्रदान किया। यही कारण है कि फूलन देवी का जंगल से संसद तक का सफर केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सम्मान की लड़ाई का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि फूलन देवी का जीवन उन करोड़ों गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित लोगों के संघर्ष का प्रतिनिधित्व करता है जिन्हें सदियों तक सामाजिक अन्याय का सामना करना पड़ा। नेताजी मुलायम सिंह यादव ने यह साबित किया कि लोकतंत्र में सुधार, सम्मान और अवसर का अधिकार हर नागरिक को है, चाहे उसका अतीत कितना भी कठिन क्यों न रहा हो।
मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी फूलन देवी के संघर्ष और मुलायम सिंह यादव की सामाजिक न्याय की राजनीति को समझे। समाजवादी विचारधारा का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सम्मान, भागीदारी और अधिकार दिलाना है।
उन्होंने घोषणा की कि वीरांगना फूलन देवी सामाजिक न्याय मंच द्वारा विभिन्न जनपदों में “वीरांगना फूलन देवी और नेताजी मुलायम सिंह यादव : सामाजिक न्याय का ऐतिहासिक रिश्ता” विषय पर संगोष्ठियों और जनसभाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि समाज के वंचित वर्गों के संघर्ष और उनके राजनीतिक सशक्तिकरण के इतिहास को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि आज अखिलेश यादव जी फूलन देवी के समाज को मुलायम सिंह यादव की तरह शासन प्रशासन में सम्मानजनक भागीदारी दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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