औरैया के कुदरकोट में बुखार पीड़ित एक सात वर्षीय मासूम बच्ची की झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद शरीर नीला पड़ने से मौत हो गई
संवाददाता, औरैया। बुखार से पीड़ित एक सात वर्षीय मासूम की झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई। झोलाछाप इटावा जनपद के भरथना थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव बाहरपुरा निवासी कुंवर बहादुर शाक्य बताया गया।
घटना बिधूना कोतवाली क्षेत्र के कुदरकोट क्षेत्र में शनिवार दोपहर की है। जानकारी पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के बाद झोलाछाप की दुकान को सीज कर दिया। आरोपित की तलाश में टीम जुट गई है। उधर, घटना को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।
कुदरकोट निवासी परवीन शनिवार शाम अपनी पुत्री इलमा को तबीयत खराब होने पर कस्बे में एक झोलाछाप के पास पहुंची थी। किराये के मकान में झोलाछाप ने दुकान ले रखी थी।
परवीन ने बताया कि झोलाछाप द्वारा पहले उसकी बेटी को खाने के लिए दवा दी गई। बुखार से राहत न मिलने पर इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उसका बदन नीला पड़ने लगा और कुछ देर बाद हालत गंभीर हो गई।
कुछ समझ पाते इससे पहले बेटी ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद झोलाछाप इधर-उधर की बात करते हुए अपना पीछा छुड़ाने लगा। इस पर यूपी-112 पर सूचना दी। बेटी की मौत पर परवीन ने हंगामा कर दिया।
शोर सुनकर पहुंचे लोगों ने भी परवीन का साथ देते हुए नाराजगी जताई। पुलिस के पहुंचने पर शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। रविवार दोपहर शव का अंतिम संस्कार गांव में ही कर दिया गया। मासूम की मौत की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई।
संवाददाता, औरैया। बुखार से पीड़ित एक सात वर्षीय मासूम की झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई। झोलाछाप इटावा जनपद के भरथना थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव बाहरपुरा निवासी कुंवर बहादुर शाक्य बताया गया।
घटना बिधूना कोतवाली क्षेत्र के कुदरकोट क्षेत्र में शनिवार दोपहर की है। जानकारी पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के बाद झोलाछाप की दुकान को सीज कर दिया। आरोपित की तलाश में टीम जुट गई है। उधर, घटना को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।
कुदरकोट निवासी परवीन शनिवार शाम अपनी पुत्री इलमा को तबीयत खराब होने पर कस्बे में एक झोलाछाप के पास पहुंची थी। किराये के मकान में झोलाछाप ने दुकान ले रखी थी।
परवीन ने बताया कि झोलाछाप द्वारा पहले उसकी बेटी को खाने के लिए दवा दी गई। बुखार से राहत न मिलने पर इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उसका बदन नीला पड़ने लगा और कुछ देर बाद हालत गंभीर हो गई।
कुछ समझ पाते इससे पहले बेटी ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद झोलाछाप इधर-उधर की बात करते हुए अपना पीछा छुड़ाने लगा। इस पर यूपी-112 पर सूचना दी। बेटी की मौत पर परवीन ने हंगामा कर दिया।
शोर सुनकर पहुंचे लोगों ने भी परवीन का साथ देते हुए नाराजगी जताई। पुलिस के पहुंचने पर शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। रविवार दोपहर शव का अंतिम संस्कार गांव में ही कर दिया गया। मासूम की मौत की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई।

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